Ram Lalla Ki 10 Murti Kali Kyu Hai?, जानिए धार्मिक वजह नेपाल नदी से क्यों लाए काला पत्थर

गर्भगृह में विराजमन पर्भु श्रीरामलला अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी पूरी हो चुकी है और आज 22 जनवरी को शुभ मुहूर्त में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होगी। मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के लिए विशेष मुहूर्त आज दोपहर 12 बजकर 29 मिनट और 08 सेकंड से लेकर 12 बजकर 30 मिनट और 32 सेकंड का शुभ मुहूर्त निर्धारित है।

आखिर काली क्यों है रामलला की मूर्ति Ram Lalla Ki 10 Murti Kali Kyu Hai

रामलला की मूर्ति को शिला पत्थर से बनाया गया है, जिसको कृष्ण शिला के नाम से भी जाना जाता है। यही कारण है कि रामलला की मूर्ति काले रंग की है, जिसे हम श्यामल भी कहते हैं। शिला पत्थर के अंदर कई तरह के गुण हैं। Ram Lalla Ki 10 Murti Kali Kyu Hai

सजा दो घर को गुलशन सा मेरे प्रभु राम आए इस वक्त हर जगह पर सिर्फ और सिर्फ यही भजन गुनगुनाया जा रहा है फोन की कॉलर ट्यून से लेकर आम बातचीत के दौरान भी लोगों के जुबान पर यह शब्द गूंज रहे हैं सच है कि 500 सालों के लंबे इंतजार के बाद प्रभु श्री राम ट्रेन से आज महल पर पहुंचे हैं रामलाल की मूर्ति को गर्भ ग्रह में रख दिया गया है Ram Lalla Ki 10 Murti Kali Kyu Hai

22 तारीख को प्राण प्रतिष्ठा हो गई है लेकिन इससे पहले लोगों ने राम लाल के बाल स्वरूप के अति आकर्षक मूर्ति के दर्शन किए एक दिन पहले जब राम लाल की पहली झलक मिली तो लोगों के स्टेटस और डीपी में केवल वही तस्वीर नजर आ रही थी ऐसे में बहुत लोगों के मन में एक सवाल भी आ रहा है कि आखिरकार रामलाल की मूर्ति काले पत्थर से ही क्यों बनाई

5 वर्ष की बाल अवस्था को क्यों दरसाया क्या खासियत है राम जी की मूर्ति मैं

यह मूर्ति 5 वर्षीय बाल स्वरूप में बनाई गई है जिसमें रामलाल के बाल रूप को पत्थर से बने कमल पर विराजमान दिखाया गया है मूर्ति पर विष्णु के 10 अवतार ओम स्वस्तिक शंख चक्र भी मौजूद है प्रभु श्री राम विष्णु भगवान के अवतार थे इसलिए भगवान विष्णु से जुड़े इन कॉन को शामिल किया गया है जो प्रभु श्री राम की मूर्ति को और भी ज्यादा भव्य बना रहे हैंRam Lalla Ki 10 Murti Kali Kyu Hai

श्री राम की प्रतिमा के सिर पर सूर्य बनाया गया है श्री राम बंसीधे दोपहर 12:00 बजे हुआ था जिस वक्त सूर्य की तीव्रता अपने चरम पर होती है राम लाल की मूर्ति के चारों ओर बने विग्रह में भगवान राम के 10 अवतार के दर्शन होते हैंRam Lalla Ki 10 Murti Kali Kyu Hai

ATS और SPG कमांडो उतरे पूरी अयोध्या की सड़कों पर Red और Yellow जोन में बंटा अयोध्या Ayodhya Ram Mandir update Security 22 Jan यानी आज बहुत सहजता के साथ सुरक्षा की 

आखिर क्यों मूर्ति 200 किलोग्राम वजनी और ऊंचाई 4.24 फीट रखी गई है

मूर्ति करीब 200 किलोग्राम वजनी तो ऊंचाई 4.24 फीट
मूर्ति की विशेषताएं देखें तो इसमें कई तरह की खूबियां हैं। मूर्ति श्याम शिला से बनाई गई है जिसकी आयु हजारों साल होती है। मूर्ति को जल से कोई नुकसान नहीं होगा। चंदन, रोली आदि लगाने से भी मूर्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

मूर्ति का वजन करीब 200 किलोग्राम है। इसकी कुल ऊंचाई 4.24 फीट, जबकि चौड़ाई तीन फीट है। कमल दल पर खड़ी मुद्रा में मूर्ति, हाथ में तीर और धनुष है। कृष्ण शैली में मूर्ति बनाई गई है। Ram Lalla Ki 10 Murti Kali Kyu Hai

एक मूर्ति में दर्शाए है 10 अवतार विशेष रूप प्रभु श्री राम के 10 नाम

  1. मत्स्य अवतार
  2. कूर्म अवतार
  3. वराह अवतार
  4. नरसिंह अवतार
  5. वामन अवतार
  6. परशुराम अवतार
  7. राम अवतार
  8. कृष्ण अवतार
  9. बुद्ध अवतार
  10. कल्कि अवतार

इसके साथ ही एक तरफ हनुमान दूसरी ओर गरुड़ भी विराजमान है अब हम उसे कल पत्थर की विशेषता आपके यहां पर बताएंगे जिससे इस मूर्ति का निर्माण किया गया है Ram Lalla Ki 10 Murti Kali Kyu Hai

विशेषताएं निर्माण हेतु कार्य कहा से क्या किया है Ram Lalla Ki 10 Murti Kali Kyu Hai

यह काले पत्थर से निर्मित है इसकी ऊंचाई 51 इंच और वजन करीब 200 किलोग्राम है जो काले पत्थर से को बनाया गया है वह शालिग्राम है जो एक पत्थर की तरह होता है प्रभु श्री राम की मूर्ति बनाने के लिए से नेपाल की गंडक नदी से निकाल कर लाया गया था जिस वक्त इस पत्थर को गंडक नदी से निकाला जा रहा था उस वक्त भी प्रार्थना करके पत्थर लाया गया था शालिग्राम को भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है कई घरों में इनकी पूजा होती है

इसके अलावा इसे बनाने वाले शिल्पकार अरुण योगी रत्न और उनकी पत्नी विजेता योगीराज ने बताया कि रामलाल की मूर्ति बनाने के लिए इस पत्थर का उपयोग करने की एक खास वजह भी है कृष्ण शिला में ऐसे गुण है कि जब आप अभिषेक करते हैं यानी जब आप दूध प्रतिमा पर चढ़ाते हैं तो आप उसका उपभोग भी कर सकते हैंRam Lalla Ki 10 Murti Kali Kyu Hai

यह आपके स्वास्थ्य पर कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालता इस पत्थर से दूध के गुना में कोई बदलाव नहीं होता इस कारण से इस पत्थर का चयन किया गया है क्योंकि यह किसी भी Acid या आग या पानी से कोई रिएक्शन नहीं करता यह आगे आने वाले हजार साल से भी अधिक वक्त तक कायम रहने वाला है Dailycurrentnews24.com की रिपोर्ट